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अहसास अपना अपना

झूठी बातों का क्या भरोसा, सच का दीपक जलाए रखो। कभी नफ़रत की राह पकड़ना, बस मोहब्बत के साए रखो। कल किसने देखा है, दोस्त, आज का लम्हा अपना लो। खुशियों का गीत गुनगुनाकर, ज़िंदगी को सपना लो।